धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने गोविंदपुर प्रखंड कार्यालय का किया निरीक्षण

धनबाद गोविंदपुर
उपायुक्त आदित्य रंजन के नेतृत्व में जिला प्रशासन की उच्च स्तरीय टीम विकास एवं राजस्व संबंधी कार्यों की जांच के लिए शनिवार को गोविंदपुर प्रखंड मुख्यालय पहुंची.इसके पूर्व छह अलग-अलग टीम प्रखंड के छह पंचायतो में गई और ग्राम स्तरीय योजनाओं का जायजा लिया. टीम ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास, आंगनबाड़ी केंद्र, 15 वे वित्त की योजनाओं, मनरेगा योजनाओं तथा पीडीएस दुकानों को जांच की. उपायुक्त ने लापरवाही के आरोप में जमडीहा के पंचायत सचिव विजय कुमार एवं उदयपुर की पंचायत सचिव रिक्की तिवारी को निलंबित कर दिया. जमडीहा पंचायत भवन में गंदगी एवं समीक्षा बैठक में पंचायत सचिव विजय कुमार के अनुपस्थित रहने पर उन्हें निलंबित किया गया है. वही उदयपुर की पंचायत रिक्की तिवारी भी समीक्षा बैठक से अनुपस्थित थी. उनसे जब पूछा गया कि कहां है तब उसने कहा कि वह टीम के साथ हैं जबकि टीम प्रखंड मुख्यालय पहुंच चुकी थी और समीक्षा बैठक में शामिल थी. झूठ बोलने के कारण उन्हें निलंबित किया गया.इसके अलावा लापरवाही और उदासीनता के आरोप में अंचल कार्यालय के सभी सहायक और राजस्व उप निरीक्षकों का वेतन स्थगित कर दिया.
डीसी ने कहा कि अंचल कार्यालय की जांच की और म्यूटेशन के लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया. डीसी ने अंचल अधिकारी को सरकारी जमीन की रक्षा करने का भी निर्देश दिया.
लंबित म्यूटेशन मामले की जांच पड़ताल की.
राज्य, जिला और प्रखंड में जो शिकायत पत्र दिया जा रहा है, उसका कहां तक निष्पादन हो रहा है, इसकी भी जांच की. अंचल कार्यालय में पंजी अधूरी पाई गई. आगत व निर्गत पंजी भी अधूरी पाई गई. उन्होंने अंचलाधिकारी को सभी जन आवेदनों पर कार्रवाई का निर्देश दिया.जाति ,आवासीय, आय प्रमाण पत्र के अधिकांश मामलों को रिजेक्ट करने तथा दाखिल खारिज के आवेदनों को अनावश्यक रूप से ऑब्जेक्ट एवं रिजेक्ट करने पर भी उन्होंने आपत्ति दर्ज की. उन्होंने कहा कि जितने भी आवेदन रिजेक्ट किए गए हैं .एक- एक आवेदन की जांच की जाएगी. जवाब देना होगा.

उपायुक्त ने कहा कि जमीनी स्तर पर क्या काम हो रहा है. इसको देखने की शुरुआत गोविंदपुर प्रखंड से की है.आठ जून को धनबाद प्रखंड और अंचल का निरीक्षण करेंगे.उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिलना चाहिए. पंचायत ,प्रखंड और अंचल परिसर साफ सुथरा रहना चाहिए. यदि जनता प्रखंड और अंचल कार्यालय फरियाद लेकर आती है तो उनका सम्मान होनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान भी. उपायुक्त ने कहा कि पीके राय कॉलेज की दूसरी इकाई गोविंदपुर में आ रही है , उसकी जमीन की व्यवस्था और बड़ी योजनाओं के लिए जमीन की व्यवस्था का भी उन्होंने जायजा लिया. डीसी ने कहा कि दो आंगनबाड़ी केंद्र में सर जमीन पर कम और कागज पर अधिक उपस्थित थी, उनपर कार्रवाई की जाएगी. डीसी ने कहा कि सरकार का असली चेहरा गांव में ही दिखता है. इसलिए सरकारी की महत्वाकांक्षी योजनाओं को पूरी ईमानदारी के साथ जमीन पर उतारा जाना चाहिए.अबुआ आवास,प्रधानमंत्री आवास एवं मनरेगा की योजनाओं में मजदूरी भुगतान लंबित रहने पर उन्होंने नाराजगी दिखाई. उन्होंने बीडीओ से सभी पंचायत सचिव को स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया है. उपायुक्त ने कहा की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे. दो माह में धनबाद जिले के सभी प्रखंड और अंचल कार्यालय का निरीक्षण होगा तथा उसी दिन टीम विभिन्न विभागों की भी जांच करेगी.श्री रंजन ने कहा कि गोविंदपुर प्रखंड ओडीएफ घोषित हुआ है और अनेक लोग सरकारी शौचालय का लाभ उठा रहे हैं पर विभिन्न स्थानों पर अभी शौचालय नहीं है.इसके लिए जिला स्तरीय स्वच्छता समिति का गठन किया गया है. उन्होंने कहा कि खुद शौचालय का निर्माण करेंगे तो जिला प्रशासन का पूरा सहयोग रहेगा और उनके खाते में 12000 दे दिए जाएंगे. उन्होंने स्वीकार किया कि कई स्थानों पर शौचालय निर्माण में कमी रह गई है और उसको पूरा कराया जाएगा. इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को निर्देश दिया जा चुका है. गोविंदपुर के धनबाद रोड स्थित बीरू मियां तालाब और बलियापुर रोड स्थित तालाब समेत किसी भी सरकारी या रैयती तालाब को भरने नहीं दिया जाएगा. ऐसा हाईकोर्ट और सरकार का भी आदेश है. उन्होंने कहा कि तालाब भरवाने की शिकायत मिली थी उस पर रोक लगा दी गई है. जिले में 500 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है. भूमि संरक्षण विभाग द्वारा भी तालाबों का संरक्षण किया जाएगा. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सन्नी राज, अपर समाहर्ता विनोद कुमार, डीआरडीए निदेशक राजीव रंजन, प्रखंड विकास पदाधिकारी जहीर आलम, अंचलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार दुबे आदि शामिल थे.

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